काम करेंगी तो चुनौतियां तो आएंगी ही: अनीता भदेल

महिला एवं बाल विकास मंत्री अनीता भदेल

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जयपुर। ’द हंगर प्रोजेक्ट’ की ओर से आयोजित महिला जनप्रतिनिधि एवं किशोरी राज्य स्तरीय संवाद कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री अनीता भदेल ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि ’मैं जो काम कर रही हूं उसके सामने चुनौतियां तो आएंगी ही। तभी हम अपने लक्ष्य तक पहुंच सकते हैं।’ भदेल ने वहां मौजूद उन सभी किशोरियों का अभिनन्दन किया, जिन्होंने अपने गांव व समाज में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी है।
इस अवसर पर उन्होंने बताया कि वे अपने गांव की पहली बेटी थी जिसने दसवीं पास की थी। उनकी उपलब्धी को उनके पिता व दादा ने नाच कर मनाया। उन्होंने कहा कि हम काम करते ही सीखते हैं। उन्होंने सीखने के लिए कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती है।
कार्यक्रम में सिरोही जिले के रेवदर एवं आबूरोड तथा भीलवाड़ा जिले के सहाड़ा ब्लाॅक की 25 किशोरियों (बाल एवं जल्द विवाह से प्रभावित, स्कूल से ड्राॅपआउट एवं स्कूल जाने वाली किशोरियां ) और 10 जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किए तथा बताया कि किन परिस्थितियों में उन्होंने अपनी पढ़ाई जारी रखी। इसी के अन्तर्गत खांखला ग्राम पंचायत की सरपंच दीपिका ने कहा कि उन्होंने स्कूल में शिकायत पेटी रखवाई एवं लगातार उसका अवलोकन कर समाधान करती हैं। यह उन लड़कियों की सहायता के लिए है जो बोल नहीं सकती है। इसके अलावा 55 ड्राॅपआउट लड़कियों को ओपन स्कूल के जरिए परीक्षा फार्म भरवाया। सालेरा से पूनम कंवर ने बताया कि उनके गांव में स्कूल में लड़कियों से सफाई करवाते थे। वहां स्कूल में सफाई कर्मचारी की व्यवस्था करवाई। ड्राॅपआउट लड़कियों को ओपन स्कूल के जरिए परीक्षा दिलवाई।
वार्ड पंच सोनम कंवर ने कहा कि उन्होंने अपने गांव में लड़कियों की पढ़ाई के लिए कार्य किया। बासन ग्राम पंचायत की तबस्सुम ने अपने बारे में बात करते हुए कहा कि उनके गांव में उनके समुदाय में भी बाल विवाह हो रहा था। इसके विरोध में उन्होंने काफी चुनौतियों का सामना किया। अपने समुदाय में पर्दा प्रथा का विरोध किया। काफी लड़कियों ने विरोध किया और आगे आईं। गड़रिया समाज की दुर्गा अपने परिवार और समाज की पहली लड़की है जिसने 10वीं परीक्षा पास की है। उसने परिवार में यह कहने की हिम्मत रखी कि पढ़ाई के बाद शादी करेगी।
माहवारी और स्त्री शरीर के बारे में चर्चा के दौरान किशोरियों के मन में उपजे विभिन्न सवालों का राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण संस्थान की निदेशक डाॅ अमिता कश्यप और मनोवैज्ञानिक डाॅ. प्रदन्या तथा नेशनल हैल्थ मिशन की डाॅ. निधि पुरोहित ने जवाब दिया। माहवारी के सवालों पर डाॅ. अमिता ने कहा कि केवल छूने मात्र से कभी कोई लड़की गर्भवती नहीं हो सकती। किशोरावस्था को समझना चाहिए। माहवारी के समय सफाई रखना जरूरी है। डाॅ. प्रदन्या ने किशोरावस्था में विपरीत सेक्स के प्रति आकर्षण को बुरा नहीं बताते हुए पहले अपने आपको अहमियत देने की बात पर बल दिया। इस सत्र में किशोरावस्था में होने वाले मानसिक व शारीरिक प्रभाव के बारे में भी जानकारी दी गई।

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